नवजात शिशु के नाभि की देखभाल कैसे करें | New Born Baby Navel Care

नाभि की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा जरुरी होता है खासकर नवजात शिशु की | नवजात शिशु के नाभि में बहुत ही जल्दी इन्फेक्शन का खतरा होता है | आज के पोस्ट में जानते है नवजात शिशु के नाभि की देखभाल कैसे करें |

जब शिशु का जन्म होता है तो माता के प्लेसेंटा से शिशु की गर्भनाल जुड़ी हुई होती है | इसी से जब गर्भ में शिशु को पोषण मिलता है | जब शिशु का जन्म होता है तब डॉक्टर इस गर्भनाल को एक चिमटी से लगा कर काट देते है | इस गर्भनाल को काटते समय शिशु को किसी तरह का दर्द नहीं होता है | शिशु की नाभि को ठूंठ भी कहते है |

हमारे शरीर में नाभि एक ऐसा हिस्सा है जो बहुत ही कोमल और नाजुक होता है | शरीर के बाकि हिस्सों की तरह नाभि की भी साफ़ सफाई बहुत ही ज्यादा जरुरी होती है, लेकिन शरीर का केंद्र बिंदु होते हुए भी हम नाभि की देखभाल सही से नहीं करते जिस कारण नाभि में infection हो जाता है | नाभि में infection का खतरा किसी भी उम्र में और किसी को भी हो सकता है लेकिन आज हम नवजात शिशु के नाभि की देखभाल के बारे में बात करेंगे |

नाभि में infection दो तरह के होते है

यीस्ट इन्फेक्शन

बैक्टीरियल इन्फेक्शन

हमारी नाभि बहुत ही ज्यादा गहरी होती है इस वजह से दोनों तरह के infection होने का खतरा बहुत ही ज्यादा होता है | नाभि की साफ़ सफाई सही तरीके से न होने के कारण ये infections हो जाती है और infection हो जाने से बहुत सारे दिक्कत होती है खाश कर नवजात शिशु को बहुत तरह की परेशानी होती है | आइये जानते है नवजात शिशु के नाभि की देखभाल कैसे करें |

शिशु की नाभि/ ठूंठ गिरने में कितने दिन लगते है –

शिशु की नाभि को अगर गीला न किया जाए तो 8 से 10 दिन में ये अपने आप सुख कर गिर जाती है | कभी कभी कुछ शिशु को 15 से 20 दिन भी लग जाते है | जब शिशु जन्म लेता है उस समय ठूंठ पीले रंग की होती है | जैसे जैसे ठूंठ सूखता जाता है तो ठूंठ का रंग पहले हरा और जब अच्छे से सुख जाने के बाद वह भूरे रंग का हो जाता है | जब यह ठूंठ अच्छे से सुख जाता है तब अपने आप गिर जाता है | जब यह ठूंठ सुख के गिर जाती है तभी शिशु की नाभि बनती है |

नाभि को infection से कैसे बचाए –

नवजात शिशु के नाभि को बहुत ही ज्यादा देखभाल की जरुरत होती है, पर कम जानकारी के कारण हम सभी सही से ध्यान नहीं दे पाते है जिसकी वजह से नाभि में बहुत ही ज्यादा infection हो जाती है | आइये जानते है कैसे करें नाभि की देखभाल |

नाभि को कभी भी गंदे हाथो से न छुए | इससे infection का खतरा बढ़ने लगता है |

हमेशा नाभि की सफाई करने से पहले अपने हाथो अच्छे से जरुर धो ले |

नाभि पर किसी भी तरह के फेस क्रीम को न लगाए |

शिशु को नहलाते वक़्त जब नाभि गीली हो जाए तो नाभि को अच्छे से किसी सूती के कपड़े से अच्छे से थपथपा कर पोछ ले जिससे की नाभि में किसी तरह का संक्रमण न हो |

अगर नाभि में किसी तरह का infection तो तुरंत डॉक्टर के पास जाए |

शिशु की नाभि जब तक ठीक नहीं हो जाती तब तक डायपर न पहनाये, अगर डायपर पहनाना भी हो तो उलटी डायपर पहनाये | डायपर के पीछे का भाग सामने और सामने का हिस्सा पिछे पहनाये | इस डायपर शिशु की नाभि से अलग रहेगी और शिशु को दर्द भी नहीं होगा |

गर्भनाल गिरने के बाद क्या करना चाहिए –

शिशु का जब गर्भनाल गिर जाता है तब शिशु की नाभि से पानी पस या खून आ सकती है उसको सही से देखभाल करना बहुत ही ज्यादा जरुरी है |

अगर नाभि से बहुत ही ज्यादा लाल रंग का खून आये तो तुरंत डॉक्टर के पास जाए |

गर्भनाल गिरने के बाद सबसे पहले एक साफ़ सूती के कपड़े में Beta-din से अच्छे से सफाई करें |

डॉक्टर द्वारा दी गयी क्रीम या पाउडर का इस्तेमाल करें | याद रखे अपनी मर्जी से किसी भी तरह के दवाई का इस्तेमाल न करें |

ज्यादा जानकारी के लिए इस video को जरुर देखे ;-

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